सरसों में सल्फर के फायदे

सरसों ऐसी फसलों में से एक है जो रबी यानी सर्दी के मौसम में सबसे अधिक उगाई जाती है । इसकी खेती करना बहुत आसान है पर कुछ बातों का विशेष ध्यान रखा जाना जरूरी है ।
जैसा की हम सब जानते हैं की सरसों एक तिलहनी फसल है और ऐसी फसलों में तेल की मात्रा का अधिक होना अति आवश्यक है । तेल की मात्रा को बढ़ाने के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्व है – सल्फर ! जी हाँ सल्फर , यदि सरसों के खेत में अच्छी खासी मात्रा में यह प्रदान कर दिया जाए तो आप अपनी फसल से बहुत अधिक मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं ।इसके मुख्य फायदे कुछ इस प्रकार हैं :
• दानों का वज़न बढ़ाने में सल्फर मदद करता है जिस से अधिक तेल मिलता है ।
• पीलेपन की समस्या से निजात पाने के लिए ये बहुत फायदेमंद है ।
• पौधों को अधिक सर्दी से होने वाले नुकसान से भी सल्फर बचाता है ।
• सल्फर 80 % WDG/WG को फफूँदीनाशक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है ।150-200 लीटर पानी में इसे 500-700 ग्राम मिला कर प्रति एकड़ में इस्तेमाल करने से तना व जड़ गलन जैसे रोगों से राहत मिलती है ।
• बुवाई के 30 दिन बाद 3-5 किलोग्राम सल्फर बेन्टोनाइट 90% प्रति एकड़ में इस्तेमाल करने से सरसों की फसल हरी भरी और उत्तम गुणवत्ता की होती है ।

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